Krodh (Anger)!

Krodh | Anger | 27th June 2022 | Virtual Wire

 

Picture -anglican.org/


जो वो कहे जब मुझे ना भाये

तन मन मे कुछअग्न लगाये

रक्त चाप मेरी बढ़ जाये

झट से फिर तो क्रोध आ जाये॥

वो चिल्लाये मैं चिल्लाऊं

घर मे सारा शोर मच जाये

गुत्थम गुत्था, मारमार पिट्टी

क्रोध अपना फिर खेल खिलाये

जो ना घटना था वो घट जाये

मैं पछताऊ वो पछताये॥

पढ़ लिख कर ऐसा करते हम

शान्त मन से अपनी बात रखें हम

सुना है क्रोध को मौन से जीतो

जब वो बोले ये तो झट आ जाये

मुझे जलायें उसे जलाये

मैनें भी ठानी है अब तो

देखूँ कैसे ये भीतर आये॥

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